प्रयागराज, अगस्त 26 -- इलाहाबाद विश्वविद्यालय में शोध को लेकर अब कोई शॉर्टकट नहीं चलेगा। शोध की फाइल को कुलपति प्रो. संगीता श्रीवास्तव के कार्यालय तक भेजने से पहले विभागीय स्तर पर दो अहम पड़ावों से गुजरना होगा। कुलसचिव ने शोध मामलों को लेकर स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। प्रत्येक शोध प्रकरण पहले संबंधित विभाग अथवा केंद्र की डॉक्टोरल प्रोग्राम कमेटी (डीपीसी) की बैठक में रखा जाएगा। उसके बाद वह रिसर्च डिग्री कमेटी (आरडीसी) से संस्तुत होकर कुलपति कार्यालय तक भेजा जाएगा। इसके पीछे वजह यह है कि कुछ संकाय सदस्य और विभागाध्यक्ष शोध संबंधी मामलों की प्रक्रिया से पूरी तरह परिचित नहीं हैं। निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना शोध संबंधी मामलों को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा।

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