हल्द्वानी, सितम्बर 3 -- हल्द्वानी, संवाददाता। कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व इस वर्ष विशेष शुभ फलदायक रहेगा। ज्योतिषाचार्य अशोक वार्ष्णेय के अनुसार इस बार लंबे अंतराल के बाद जन्माष्टमी पर कुछ दुर्लभ संयोग बन रहे हैं। अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र का संयोग होने के साथ चंद्रमा वृषभ राशि में रहेंगे। ऐसे में इस बार जन्माष्टमी का पर्व दो दिन अष्टमी तिथि में मनाया जाएगा। ज्योतिषी अशोक वार्ष्णेय ने बताया कि 4 सितंबर की रात 2:26 बजे अष्टमी तिथि शुरू होगी, जो 5 सितंबर की रात 12:14 बजे तक रहेगी। उदयातिथि और रोहिणी नक्षत्र के आधार पर गृहस्थजन शुक्रवार, 4 सितंबर को जन्माष्टमी मनाएंगे। वहीं वैष्णवजन शनिवार, 5 सितंबर को अष्टमी तिथि में पर्व मनाएंगे। उन्होंने बताया कि इस वर्ष भगवान श्रीकृष्ण का 5253वां जन्मदिन मनाया जाएगा। अष्टमी तिथि, रोहिणी नक्षत्र और चंद्र...