गौरीगंज, अप्रैल 8 -- मुसाफिरखाना, संवाददाता। नगर पंचायत मुसाफिरखाना में वर्ष 2003-04 में स्वच्छ पेयजल योजना के तहत बनाई गई पानी की टंकी आज भी अपनी उपयोगिता साबित नहीं कर सकी है। लाखों रुपये की लागत से निर्मित यह टंकी बीते दो दशकों से महज एक ढांचा बनकर रह गई है। जिससे लोगों को स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने की सरकार की मंशा पर पानी फिर गया है। नगर पंचायत के लगभग दस हजार से अधिक आबादी वाले क्षेत्र में आज तक इस टंकी से पानी की एक बूंद भी लोगों तक नहीं पहुंच पाई है। स्थिति यह है कि टंकी से घरों तक पानी पहुंचाने के लिए कोई पाइपलाइन तक नहीं बिछाई गई। जिस परिसर में दो दशक पूर्व बनी जल निगम की पानी की टंकी स्थित है, वह अब झाड़ियों और जंगली पेड़ पौधों से घिरकर उपेक्षा का प्रतीक बन चुका है। नगर पंचायत के दसों वार्डों के लोग आज भी स्वच्छ पेयजल के लिए निजी...
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