हजारीबाग, अप्रैल 26 -- चौपारण। कहते हैं काल जब आता है तो पूरा परिवार समेट लेता है, लेकिन गया जिले के आमस प्रखंड के मसुरीबार गांव में जो हुआ, उसने नियति की क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं। दनुआ घाटी के सड़क हादसे ने इस गांव के एक ही परिवार की तीन पीढ़ियों को सदा के लिए सुला दिया। रविवार शाम जब चौपारण से आमस एंबुलेंस पहुंची, तो पूरा इलाका चीत्कारों और चीख-पुकार से दहल उठा। शाम करीब 4 बजे जैसे ही दादा और पोते का शव पहुंचा, गांव का हर शख्स फूट-फूट कर रोने लगा। वही 20 मिनट दूसरे गांव जब पति, पत्नी और दो मासूम बच्चियों के शव पहुंचे, तो मंजर इतना खौफनाक और दुखद था कि देखने वालों की रूह कांप गई। यह भी पढ़ें- टुकड़े-टुकड़े में कट गए थे सभी के शव, जो भी देखा कांप गया; 3 मासूम बच्चों समेत 6 की मौत का वो दर्दनाक मंजर एक ओर दादा-पोते की चिता सजी, तो द...