मुजफ्फर नगर, फरवरी 1 -- शहरी क्षेत्र के नालों का पानी ट्रीटमेंट कर काली नदी में भेजने के लिए दो एसटीपी प्लांट (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) लगे हुए है, लेकिन फिर भी काली नदी का पानी प्रदूषित बना हुआ है। जिसका सीधा मतलब है कि दोनों एसटीपी प्लांट में नालों के पानी का ट्रीटमेंट नहीं हो रहा है। जबकि अधिकारी दोनों एसटीपी प्लांट के संचालित होने का दावा कर रहे है। ऐसा कैसे हो सकता है कि दोनों एसटीपी प्लांट चल रहे है और फिर भी काली नदी का पानी प्रदूषित बना हुआ है। यह संबंधित अधिकारियों की कार्य शैली पर प्रश्न चिन्ह की तरह है। शहरर के मोहल्ला किदवईनगर में दो एसटीपी प्लांट बने हुए है। इनमें से एक एसटीपी प्लांट पुराना बना हुआ है। जिसकी करीब 32.5 एमएलडी पानी का ट्रीटमेंट करने की क्षमता है। वहीं दूसरा नमामि गंगे योजना के तहत नए एसटीपी प्लांट बना हुआ है। इस...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.