नई दिल्ली, जून 19 -- छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने रायपुर जेल में बंद उज्बेकिस्तान की दो महिलाओं को उनके देश वापस भेजने का रास्ता साफ कर दिया। मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति रविंद्र कुमार अग्रवाल की पीठ के समक्ष केंद्र सरकार के अधिवक्ताओं ने बताया कि याचिकाकर्ताओं को बहुत जल्द उज्बेकिस्तान भेजा जाएगा। अदालत को बताया गया कि उज्बेकिस्तान दूतावास से 25 मई 2026 को संदेश मिला जिसमें भारत में उज्बेकिस्तान गणराज्य दूतावास ने अदालत से अनुरोध किया कि याचिकाकर्ताओं के त्वरित निर्वासन का आदेश पारित करने की मांग की थी। दूतावास ने आश्वासन दिया कि वह जरूरी दस्तावेज जारी कर देंगे। हाईकोर्ट ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार याचिकाकर्ताओं को उनके देश भेजना चाहती है इसलिए याचिका निस्तारित की जाती है।उज्बेकिस्तान यह भी पढ़ें- सऊदी अरब में कब और कहां होगा N...