नोएडा, जून 18 -- नोएडा, गौरव भारद्वाज। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और कड़े नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए जिले के दो गैर-सरकारी स्कूलों की मान्यता को समाप्त कर दिया है। यह कार्रवाई उन स्कूलों के खिलाफ की गई है जो केवल कागजों पर या नाममात्र के लिए चल रहे थे, लेकिन धरातल पर वहां न तो नियमित कक्षाएं लग रही थीं और न ही कोई छात्र पढ़ाई कर रहा था। अधिकारियों के मुताबिक, यह सख्त फैसला इंटरमीडिएट शिक्षा अधिनियम-1921 के नियमों और विनियमों के तहत लिया गया है। इस अधिनियम के नियम 11(डी) में यह साफ प्रावधान है कि यदि हाईस्कूल या इंटरमीडिएट स्तर के किसी भी मान्यता प्राप्त विद्यालय में लगातार दो वर्षों तक एक भी छात्र बोर्ड परीक्षा में शामिल नहीं होता है, या वहां कक्षाएं संचालित नहीं की जाती हैं, तो उस स्कूल...