दोस्ती से डबल मर्डर तक, कौन हैं कमलेश पाठक? पढ़ें चर्चित मंजुल-सुधा हत्याकांड की इनसाइड स्टोरी
संवाददाता, अगस्त 19 -- उत्तर प्रदेश में बुधवार को आए एक फैसले ने सियासी गलियारों तक हलचल मचा दी। औरैया के वकील मंजुल चौबे और उनकी चचेरी बहन सुधा चौबे की हत्या के इल्जाम में विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट ने समाजवादी पार्टी के पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक, उनके भाई पूर्व ब्लॉक प्रमुख संतोष पाठक समेत 10 आरोपियों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। मंजुल-सुधा हत्याकांड के छह साल बाद अदालत का यह फैसला आया है। बुधवार को इस फैसले को लेकर औरैया कचहरी परिसर के साथ ही पूरे जिले में चर्चाओं का बाजार गर्म रहा। मामले में एक आरोपित के नाबालिग होने के चलते उसका मामला किशोर न्याय बोर्ड (Juvenile Justice Board - JJB) में विचाराधीन है।पहले दोस्ती-फिर दुश्मनी वकील मंजुल चौबे और उनकी बहन का हत्याकांड शुरू से ही औरैया के सबसे चर्चित आपराधिक मामलों में रहा। बता...
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