इंदौर, अप्रैल 25 -- इंदौर के चर्चित शिल्पू भदौरिया हत्याकांड में आखिरकार न्याय की गूंज सुनाई दी। दस साल बाद अदालत ने इस खौफनाक साजिश का पर्दाफाश करते हुए तीनों आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। यह कोई साधारण हत्या नहीं थी, बल्कि दोस्ती के नाम पर रची गई दरिंदगी की कहानी थी। आरोपियों ने पहले शिल्पू को अपने जाल में फंसाया, उसके साथ शराब पी और फिर बेरहमी से उसका गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद अपराध छुपाने के लिए उसे होटल की चौथी मंजिल से नीचे फेंक दिया, ताकि इसे आत्महत्या का रूप दिया जा सके। यह सनसनीखेज वारदात 7 अगस्त 2016 की रात आरएनटी मार्ग स्थित होटल के कमरे में हुई थी, जहां शिल्पू अपने ही परिचितों के साथ ठहरी हुई थी। आरोपियों आशुतोष, शैलेंद्र और नीरज ने पुलिस को गुमराह करने के लिए पहले झूठी कहानी गढ़ी और दावा किया कि शिल्पू ने ख...
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