बिजनौर, जुलाई 29 -- बहुचर्चित प्रबल हत्याकांड में फैसले के बाद अदालत परिसर भावुक दृश्यों का गवाह बना। एक दोषी ने खुद को बेकसूर बताते हुए प्राची से माफी की गुहार लगाई, लेकिन प्रबल की बहन प्राची ने साफ शब्दों में कहा, जब मेरे भाई ने जिंदगी की भीख मांगी थी, तब उसे माफी नहीं दी गई। अब अदालत के न्याय का फैसला ही सबसे बड़ा जवाब है।प्राची ने अपने भाई को न्याय दिलाने के लिए वर्षों तक संघर्ष किया। पिता के निधन के बाद वह अपने ससुराल से लौटकर पूरे मुकदमे की पैरवी में जुट गई। परिवार पर दुखों का पहाड़ तब और टूट पड़ा जब माता-पिता का भी निधन हो गया। यह भी पढ़ें- बहुचर्चित प्रबल हत्याकांड: महिला आयोग सदस्य के पति-पुत्र समेत सात आरोपी दोषी करार ऐसे कठिन समय में प्राची ने बेटी होने का फर्ज निभाते हुए अपने माता-पिता को मुखाग्नि दी और फिर भाई के लिए इंसाफ की...