कन्नौज, मार्च 20 -- छिबरामऊ, संवाददाता। रमजान उल मुबारक के आखिरी जुमा अलविदा की नमाज में अकीदतमंदों का सैलाब उमड़ पड़ा। मस्जिदों में अलग ही रौनक देखने को मिली। यह इस रमजान का दूसरा जुमातुल विदा था। क्योंकि पिछले गुरूवार को शब्बाल का चांद न दिखने से रमजान 30 दिनों का पूरा हुआ और जुमातुल विदा की नमाज दो बार हुई। पिछले शुक्रवार को भी अलविदा जुमा मनाया गया था, लेकिन चांद नजर न आने के कारण रमजान का एक दिन और बढ़ गया। नतीजन इस शुक्रवार को फिर जुमातुल विदा की नमाज अदा की गई। अलविदा जुमा रमजान की विदाई का प्रतीक है और मुस्लिम मान्यताओं में इसका विशेष महत्व है। आखिरी अशरे की इबादत रोजेदारों को जहन्नुम की आग से बचाती है। अलविदा को छोटी ईद भी कहा जाता है, जिसको लेकर अजान से पहले ही मस्जिदें नमाज पढऩे वालों से भर गईं और बड़ी तादात में लोग पहुंचे। इस ...