हापुड़, मार्च 11 -- पिछले दस साल से गन्ना भुगतान में पिछड़ रही सिंभावली ग्रुप की दोनों शुगर मिलों पर पिछले साल की तुलना में करीब 40 लाख कुंतल गन्ना कम पेराई हुआ है। दोनों शुगर मिल पेराई सत्र बंद कर चुकी है। सिंभावली मिल ने इस बार अच्छी रिकवरी के बावजूद भी लगभग 8 लाख कुंतल चीनी का उत्पादन किया है। हालांकि वर्तमान पेराई सत्र का कुछ ही भुगतान मिल कर पाई है।आजादी से पहले राजा रघुवीर सिंह की सिंभावली शुगर मिल पर संकट के बादल मंड़रा रहे हैं। चिलबीरिया मिल पहले ही बंद हो चुकी है। जबकि गन्ना भुगतान में पिछले कई साल से देरी कर रही शुगर मिलों से इस साल 27 से अधिक क्रय केंद्र अन्य जनपदों की शुगर मिल पर चले गए थे। पिछले पांच साल में मिल से जिले के गांवों के किसान धीरे धीरे हटते जा रहे है। पिछली साल गन्ना भुगतान के साथ ही बैंकों के कर्ज को लेकर डिफाल्...