नई दिल्ली, अक्टूबर 29 -- चार महीने की योग निंद्रा के बाद दो नवंबर को भगवान श्री हरि जाग जाएंगे। इस साल छह जुलाई को देवशयनी एकादशी से भगवान चार महीने की योग निंद्रा में चले गए थे। उनकी नींद कार्तिक शुक्ल पक्ष एकादशी जिसे प्रबोधिनी, देवोत्थान या देवउठनी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है, को टूटती है। इस दिन भगवान को शाम के समय जगाया जाता है। उनके लिए रंगोली सजाई जाती है और मौसमी फल और सब्जियों को अर्पित कर उन्हें गायन करके जगाया जाता है। गन्ने, मौसमी फलों को सजाकर उनपर सूप ढ़क दें, फिर दीपक जलाएं और ऊठो देव जागो देव,गीत गाकर विष्णु जी को जगाएं। ऐसी मान्यता है कि भगवान को भक्त इस दिन गीत, वाद्य और आरती आदि से जगाते हैं। इस वर्ष एक नंवबर को सुबह 9.11 बजे से एकादशी तिथि शुरू हो रही है। जो अगले दिन 2 नवंबर को सुबह 7.30 मिनट तक रहेगी। उदयातिथि के...
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