विनोद मुसान, मार्च 22 -- उत्तराखंड में अप्रैल में होने वाले फाइनल स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) से पहले प्री-एसआईआर रिपोर्ट ने निर्वाचन विभाग की पेशानी पर बल डाल दिए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, देहरादून, ऊधमसिंह नगर और नैनीताल जैसे मैदानी जिलों में भारी संख्या में मतदाता अपने दिए गए पतों पर 'लापता' पाए गए हैं। सबसे गंभीर स्थिति राजधानी की धर्मपुर सीट पर है, जहां 50 प्रतिशत मतदाता बीएलओ (बीएलओ) को अपने ठिकानों पर नहीं मिले। इसी तरह रायपुर में 40 प्रतिशत और डोईवाला में 35 प्रतिशत वोटरों का सत्यापन नहीं हो पाया है। इस 'नंबर गेम' ने विभाग की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि इन इलाकों में 2003 के बाद बाहरी राज्यों से आकर बसी बड़ी आबादी का भौतिक सत्यापन विभाग के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। हालांकि, विभाग की ओर से प्रयास जारी हैं। यह भी पढ़ें- देहरादून ...