राकेश खत्री, जनवरी 30 -- देहरादून से 35 किमी दूर शीशमबाड़ा में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के करीब दस किमी के दायरे में रहने वाली दो लाख की आबादी परेशान है। प्लांट से उठने वाली दुर्गंध यहां के बाशिंदों के लिए नासूर बन चुकी है। 'हिंदुस्तान' समाचार पत्र ने ग्राउंड जीरो पर जाकर इस मामले की पड़ताल करते हुए लोगों की परेशानी जानी।लोग हो रहे बीमार प्लांट से लगती सेलाकुई की गोरखा बस्ती के रोशन लाल के घर पर बुधवार दोपहर कई लोग बात कर रहे हैं। ये लोग हैं 2005 से 2014 के बीच यहां बसे थे। इनको 2016 के मध्य तक पता नहीं था कि यहां देहरादून और राज्य के अन्य हिस्सों की गंदगी का पहाड़ बनने वाला है। गले में खराश, सिर में भारीपन, सांस लेने में परेशानी और खाना खाने के बाद जी मिचलाना सबकी शिकायत है। कुछ डिप्रेशन के शिकार हैं। कहते हैं कि सारी पूंजी यहां लगा ...