देहरादून, सितम्बर 10 -- देहरादून। विश्व आत्महत्या निषेध दिवस पर 'फोरगिवनेस फाउंडेशन सोसाइटी' की ओर से केदारपुरम में निशुल्क कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें मनोवैज्ञानिक समाजसेवी डॉ. पवन शर्मा ने सामाजिक कार्यकर्ताओं को आत्मघाती विचारों की पहचान व रोकथाम के मनोवैज्ञानिक कौशल सिखाए। डॉ. शर्मा ने बताया कि दुनिया में हर 40 सेकेंड में एक और उत्तराखंड में सालाना 1700 से अधिक (रोजाना 4-5) लोग खुदकुशी कर रहे हैं, जिनमें पुरुषों की संख्या अधिक है। उन्होंने तनाव, अकेलेपन व नशे से दूर रहने तथा पीड़ित की बात बिना किसी निर्णय के धैर्यपूर्वक सुनकर तुरंत मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से संपर्क कराने पर जोर दिया। संस्था इसके लिए निशुल्क परामर्श उपलब्ध कराती है। यह भी पढ़ें- खुदकुशी की घटनाएं रोकने में इमोशन शेयरिंग थेरेपी का बड़ा रोल यह भी पढ़ें- चंद मिनटों से...