नई दिल्ली, जून 20 -- भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (बार्क) ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) को बताया है कि देशभर के करीब 98 फीसदी सतही और भूजल नमूनों में यूरेनियम की मात्रा तय सीमा के भीतर है। इससे लोगों के स्वास्थ्य को कोई खतरा नहीं है। बार्क ने कहा है कि कुछ क्षेत्रों में पानी में यूरेनियम की मौजूदगी प्राकृतिक कारणों से है, न कि परमाणु संयंत्रों या किसी मानवीय गतिविधि की वजह से। एनजीटी प्रमुख जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव, विशेषज्ञ सदस्य ए.सेंथिल वेल और अफरोज अहमद की पीठ के समक्ष बार्क ने एक विस्तृत रिपोर्ट दाखिल की है। यह रिपोर्ट, उन खबरों के बारे में है, जिसमें कहा गया था कि बिहार के कई जिलों में शिशुओं को स्तनपान कराने वाली महिलाओं के दूध में यूरेनियम की मौजूदगी से बच्चों के स्वास्थ्य पर खतरा है। इसके अलावा पंजाब के अधिकांश हिस्सों में भू...