गोरखपुर, अप्रैल 19 -- राजीव दत्त पान्डेय गोरखपुर। देश में फसल अवशेष जलाने की सर्वाधिक घटनाएं उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जनपद में सामने आई हैं। इसके बाद उज्जैन 1909, होसंगाबाद 1705 और रायसेन 1628 मामलों के साथ क्रमश: दूसरे, तीसरे और चौथे स्थान पर हैं। यह खुलासा हुआ है अंतरिक्ष आधारित कृषि पारितंत्र निगरानी एवं मॉडलिंग के लिए अनुसंधान संघ (क्रीम्स प्रयोगशाला) और भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईसीएआर- आईएआरआई) की रिपोर्ट में।क्रीम्स लैब की रिपोर्ट के मुताबिक, उपग्रह रिमोट सेंसिंग तकनीक और 'स्टैंडर्ड प्रोटोकॉल फॉर एस्टीमेशन ऑफ क्रॉप रेजिड्यू बर्निंग' के माध्यम से फसल अवशेष जलाने के आंकड़े संकलित किए गए। 1 अप्रैल से 17 अप्रैल 2026 के बीच देश के पांचों राज्यों में कुल 22,850 घटनाएं दर्ज की गईं। यह भी पढ़ें- 2023 में कचरे के ढेर में आग लगने से...
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