कानपुर, अप्रैल 28 -- कानपुर। देश के शैक्षणिक विकास में शोध व नवाचार की भूमिका अहम है। इसे बढ़ावा देंगे, तभी देश आत्मनिर्भर बनेगा। यह बातें भारतीय विश्वविद्यालय संघ (एआईयू) के अध्यक्ष एवं छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने कहीं। कहा, एआईयू के सौ वर्षों की यह यात्रा केवल एक संस्थागत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह भारतीय उच्च शिक्षा की निरंतर प्रगति, आत्ममंथन और राष्ट्र निर्माण में उसके योगदान का जीवंत साक्ष्य है। आत्मनिर्भर भारत का अर्थ केवल उत्पादन में आत्मनिर्भरता नहीं है, बल्कि यह ज्ञान, कौशल, नवाचार और मूल्यों में आत्मनिर्भरता का भी आह्वान है। भारतीय विश्वविद्यालय संघ की 100वीं वार्षिक बैठक और कुलपतियों का तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन पुणे स्थित डॉ. डीवाई पाटिल विद्यापीठ में किया गया। यह भी पढ़ें...
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