नई दिल्ली, जुलाई 11 -- नई दिल्ली, अरविंद सिंह। देश की सड़कों पर होने वाले हादसों के लिए अब सिर्फ ड्राइवर की लापरवाही नहीं, बल्कि सरकारी एजेंसियों की नाकामी भी तय होगी। भारत के नागरिकों को जल्द ही सुरक्षित सड़क का अधिकार (राइट टू सेफ पैसेज) का कानूनी हक मिलने जा रहा। इसके तहत नेशनल हाईवे-एक्सप्रेसवे की त्रुटिपूर्ण डिजाइन, खराब इंजीनियरिंग या ब्लैक स्पॉट के कारण दुर्घटना होती है तो पीड़ित परिवार भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से भारी मुआवजे का हकदार होगा। अदालतों द्वारा सड़क सुरक्षा को संविधान के अनुच्छेद 21 (जीने का अधिकार) के तहत मौलिक अधिकार घोषित किए जाने के बाद सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय मोटर वाहन अधिनियम में संशोधन का ड्राफ्ट तैयार कर रहा। यह कानून सड़क हादसों में जवाबदेही का पूरा ढांचा बदल कर रख देगा। इस नए कानून की सबसे ...