कानपुर, अप्रैल 10 -- कानपुर। देश के क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर पर पड़ोसी हैकरों की लगातार नजर है। कभी भी वे हैकिंग कर देश को नुकसान पहुंचा सकते हैं। क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर, खास तौर पर पावर प्लांट, न्यूक्लियर प्लांट और वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की साइबर सुरक्षा बढ़ाने की जरूरत है। यह बात संस्थान के विजिटिंग प्रोफेसर व पावर मंत्रालय के केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के पूर्व सदस्य प्रो. एमएकेपी सिंह, प्रो. सोमित्रा व प्रधानमंत्री कार्यालय के पहले राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा समन्वयक गुलशन राय ने कही। उन्होंने बिना किसी का नाम लिए पड़ोसी देशों से अधिक खतरा बताया। अमेरिका-ईरान युद्ध के बाद साइबर सुरक्षा को मजबूत करना जरूरी हो गया है। क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर (जैसे पावर, रिफाइनरी, वाटर ट्रीटमेंट, पोर्ट आदि) को सुरक्षित करना जरूरी है। इसके लिए विदेशी नहीं स...