सत्येन्द्र कुलश्रेष्ठ, अप्रैल 20 -- यूपी में शराब सिंडीकेट को खत्म करने के लिए नई आबकारी नीति में कई बदलाव किए गए हैं। जिसमें सबसे अहम देशी शराब की दुकानों पर अब ग्राहकों को वैरायटी देने के लिए 25 प्रतिशत तक अन्य या नए ब्रांड का स्टॉक रखना अनिवार्य किया गया है। यह कदम नई आबकारी नीति के तहत ब्रांड एकाधिकार को खत्म करने और ग्राहकों को उच्च गुणवत्ता वाले विकल्प प्रदान करने के लिए उठाया गया है। यूपी में देशी शराब के एक हजार से ज्यादा ब्रांड हैं। पश्चिमी यूपी के जिलों में टि्वन टावर, जयवीरू, मिस्टर जामुन, मिस्टर एप्पल आदि ब्रांडों की बिक्री होती है। इनमें सबसे ज्यादा बिकने वाला ब्रांड टि्वन टावर है। नई आबकारी नीति आने से पहले तक देशी शराब के अनुज्ञापी सबसे ज्यादा बिक्री वाले ब्रांड के अलावा दूसरे कोई ब्रांड नहीं रखते थे लेकिन नई शराब नीति ने इ...