नई दिल्ली, मई 10 -- नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने पहली बार देशभर के अस्पतालों में गहन चिकित्सा इकाइयों यानी आईसीयू के लिए एक समान मानक तय किए हैं। इसके तहत अब हर आईसीयू को तीन अलग-अलग स्तरों में बांटा जाएगा और हर स्तर के लिए बिस्तरों की संख्या, जरूरी मशीनें, डॉक्टरों की योग्यता और नर्सों की उपलब्धता जैसे नियम तय किए गए हैं। इसी के अनुसार बिल की दरें तय हो सकती हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के अधीन स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशालय (डीजीएचएस) ने इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सरकार का मानना है कि इससे अस्पतालों में गंभीर मरीजों के इलाज का स्तर बेहतर होगा और अलग-अलग अस्पतालों में मौजूद असमानता कम की जा सकेगी। यह फैसला देश के करीब 71,000 अस्पतालों और 13.8 लाख से ज्यादा पंजीकृत डॉक्टरों पर लागू होगा।

अस्पतालों की बनावट को लेकर भी नियम नई निर्द...