औरंगाबाद, नवम्बर 12 -- किशोर न्याय बोर्ड, औरंगाबाद के प्रधान दंडाधिकारी सह एसीजेएम सुशील प्रसाद सिंह ने देव थाना कांड संख्या-46/19 में निर्णय पर सुनवाई करते हुए एक मात्र विधि विरूद्ध किशोर को सामुदायिक सेवा की सजा सुनाई है। पैनल अधिवक्ता सतीश कुमार स्नेही ने बताया कि एकमात्र विधि विरूद्ध किशोर को इस वाद में दोषी करार देते हुए 15 दिन देव सूर्य मंदिर में सामुदायिक सेवा करने का आदेश दिया गया है। देव सूर्य मंदिर न्यास समिति को यह भी आदेश दिया गया है कि जेजेबी ऐक्ट के धारा 74 का पालन हो। विधि विरूद्ध किशोर का नाम, पता और सेवा अवधि उजागर नहीं हो। कार्यविधि के दौरान विधि विरूद्ध किशोर का आचरण और व्यवहार संबंधित एक प्रतिवेदन निश्चित समय तक किशोर न्याय बोर्ड, औरंगाबाद में समर्पित करें। प्राथमिकी पीड़िता की मां ने 23 मार्च 2019 को दर्ज कराई थी जिसम...