औरंगाबाद, मार्च 24 -- देव सूर्य कुंड और रूद्र कुंड परिसर में छठ व्रतियों और लोगों के रूकने तथा खाना बनाने आदि पर रोक लगाई गई थी। मंगलवार को जब लाखों छठ व्रती सूर्यकुंड तक पहुंचे तो इस नियम को पूछने वाला कोई नहीं था। जानकारी के अनुसार लाखों की संख्या में छठ व्रती सूर्यकुंड दउरा लेकर पहुंच गए। युवक और घर के बड़े व्यक्ति के द्वारा दउरा सिर पर रखा गया था। इसके भारी होने की स्थिति में युवकों के लिए एक कदम चलना भी मुश्किल था। ऐसे में सभी लोगों ने दउरा को सूर्यकुंड और उसके आसपास खाली पड़ी जगह पर रखना शुरू कर दिया। यहां कई लोगों ने पूजा अर्चना की। सूर्य कुंड पर भीड़ खत्म होने के बाद दउरा में से सूप निकालकर महिलाएं अर्घ्य देने के लिए कुंड की ओर चली गई। अर्घ्य देने के बाद महिलाओं ने दउरा उसी में रखा और घाट पर ही आराम करने लगीं। यहां रुके श्रद्धालुओ...