कोडरमा, मार्च 20 -- झुमरी तिलैया, निज प्रतिनिधि। कलश स्थापना के साथ शुरू चैत्र नवरात्र के दूसरे दिन शुक्रवार को झुमरी तिलैया के प्रसिद्ध देवी मंडप के अलावा माता शीलता मंदिद परिसर में भगवती जगदम्बा के दूसरे स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी की पूजा धूमधाम से की गई। चैत्र नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा के दौरान भक्तों ने सुख, शांति और समृद्धि की माता से कामना की। वहीं मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य कृष्ण मुरारी पांडेय ने कहा कि मां ब्रह्मचारिणी तपस्या, ज्ञान और संयम की देवी हैं। मां पार्वती के इस रूप ने भगवान शिव को पाने के लिए कठोर तप किया था, इसलिए इन्हें तपस्विनी कहा जाता है। मान्यता है कि इनकी पूजा से धैर्य, त्याग और सदाचार बढ़ता है। इसके साथ ही सच्चे मन से माता के इस स्वरूप की पूजा करने से मनचाहा वरदान भी मिलता है। वहीं मंदिर में पू...