पाकुड़, सितम्बर 22 -- महेशपुर। आसमान में छाए सफेद बादलों के साथ धरती पर चारों तरफ फैले सफेद काश (कांश) के फूल इन दिनों देवी (शारदीय नवरात्र) के आगमन का एहसास करा रही हैं। इन दिनों जहां भी नजर दौड़ाएं, लंबे-लंबे काश के फूल मंद-मंद बहती हवाओं के साथ अठखेलियां करते मन को ऐसे प्रफुल्लित करते हैं, मानों पूरी प्रकृति देवी दुर्गा के स्वागत को आतुर हो रही हों। दरअसल वर्षा ऋतु के समापन एवं शरद ऋतु के आगमन के दौरान ऊंचे पहाड़ी इलाकों, खेतों की मेढ़ों व नदियों के तट पर काश के फूल लहराते नजर आते हैं। काश फूल नदी किनारे जलीय भूमि, बलूई सूखे इलाकों, पहाड़ी एवं ग्रामीण क्षेत्र में टीले रूपी हर स्थानों पर देखे जा सकते हैं। लेकिन नदी के तटीय इलाकों में काश फूल ज्यादा उगते हैं। काश फूल एक तरह की घास की प्रजाति है।

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