नई दिल्ली, जुलाई 20 -- आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को देवशयनी एकादशी कहते हैं। इस दिन से देव सो जाते हैं और अगले चार महीने के लिए विष्णुजी क्षीर सागर में निंद्रा के लिए जाते हैं। कार्तिक मास तक श्रीहरि पाताल लोक में रहेंगे। इस समय भगवान शिव के हाथों में सृष्टि की कमान रहेगी। इस साल देवशयनी एकादशी 25 जुलाई को रहेगी। इसके बाद से चतुर्मास लग जाएंगे। इस समय में भगवान के लिए जप तप और साधना की जाती है। इस एकादशी पर शंख, चक्र ओर गदा धारण करनेवाठे भगवान्‌ विष्णुकी भक्तिपूर्वक पूजा करनी चाहिए। यहां पढ़ें कि इस एकादशी पर ग्रहों का क्या योग है, इस एकादशी का क्या महत्व है और इस एकादशी पर सोए देव कब जागेंगे।कैसा बन रहा है ग्रहों का योग इस साल देवशयनी एकादशी पर ग्रहों का नक्षत्रों का बहुत उत्तम योग बन रहा है। गुरु इस समय कर्क राशि में उच्च के हैं...