बरेली, जनवरी 14 -- बरेली। प्रकृति, आस्था और संस्कृति को आंचल में समेटे उत्तरायणी मेले का मंगलवार को आगाज हो गया। बरेली क्लब के मैदान पर देवभूमि की सांस्कृतिक विरासत चमक उठी। पहाड़ के लोकगीत, नृत्य ने लोगों को मुग्ध किया तो आचार-नमकीन के स्टाल देखकर गांवों में बिताए पुराने दिनों की याद ताजा हो गई। मंगलवार को 30वें उत्तरायणी मेले का आरंभ कोतवाली के सामने रंगयात्रा से हुआ। आचार्य पंडित रमेश जोशी के मंत्रोच्चार के साथ पूजा की और और जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर स्वामी वीरेंद्रानंद ने हरी झंडी दिखाकर रंगयात्रा को रवाना किया। देवी नंदा-सुनंदा के भजन पर नाचते-झूमते रंगयात्रा पटेल चौक, चौकी चौराहा, सर्किट हाउस होते हुये अपने गन्तव्य मेला ग्राउंड बरेली क्लब पहुंचे। मेले का उद्घाटन स्वामी वीरेंद्रानंद, डॉ. विनोद पागरानी और पार्थ गौतम ने किया। श्री टिबर...