लखीमपुरखीरी, अगस्त 13 -- गोला गोकर्णनाथ। प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी श्रावण शुक्ल पंचमी यानी श्रीनाग पंचमी पर 17 अगस्त सोमवार को देवकली तीर्थ स्थल स्थित श्रीमती चन्द्रकला आश्रम एवं संस्कृत विद्यापीठ में सामूहिक कालसर्प योग शांति महायज्ञ का वृहद आयोजन किया जाएगा। महंत प्रमोद जी महाराज ने बताया कि ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार कालसर्प योग मुख्य रूप से 12 प्रकार का माना गया है। इसके विभिन्न आंशिक रूपों को मिलाकर इसकी अनेक स्थितियां बताई गई हैं। मान्यता है कि जन्मकुंडली में कालसर्प योग दोष होने पर व्यक्ति को जीवन में विभिन्न प्रकार की बाधाओं और परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। यह भी पढ़ें- Dhanbad News: भागा नागदेवी देवस्थानम में नागपंचमी महोत्सव 16 से इसी मान्यता के तहत दोष की शांति के लिए विशेष अनुष्ठान एवं महायज्ञ का आयोजन किया ...