हाथरस, अक्टूबर 29 -- देवउठनी एकादशी के बाद भी इस बार बैंड बाजा बारात के लिए इंतजार करना पड़ेगा। दरअसल शादी विवाह के लिए तुला राशि का सूर्य होना अनिवार्य है। अभी सूर्य कन्या राशि में हैं। 16 नवंबर को सूर्य तुला राशि में आएंगे, जिसके कारण 16 नवंबर से विवाह के मुहूर्त बन रहे हैं। ज्योतिष अनुसार सूर्य के तुला में पहुंचने से पहले अगर विवाह किया जाता है, तो यह ठीक नहीं है। इसे तुला संक्राति दोष कहते हैं। जब सूर्य तुला में आएंगे तो यह दोष मुक्त हो जाएगा और विवाह शुरू हो जाएंगे। के चलते बीस नवम्बर तक विवाह के लिए शुभ मुहुर्त नहीं है। शुक्र अस्त के चलते शादियों के लिए शुभ मुहुर्त नहीं मिल पा रहे हैं। ऐसे में 21 नवम्बर से शादियों की शुरुआत होगी। शुभ मुहुर्त छह दिसंबर तक रहेंगे। आचार्य सुरेंद्रनाथ चतुर्वेदी ने बताया कि कार्तिक शुक्ल एकादशी को देवोत्...