बरेली, मार्च 29 -- ‎बरेली, वरिष्ठ संवाददाता। इसाई समाज के चालीस दिवसीय उपवासों के अन्तिम रविवार को पॉम संडे अर्थात खजूर के इतवार के रूप में मनाया जाता है। बाईबल की ऐसी मान्यता है कि इस दिन प्रभु यीशु मसीह ने अपनी अन्तिम यात्रा यरुशलेम के लिए की, जहां विशाल भीड़ ने उनका भव्य स्वागत उनके मार्ग में अपने कपड़े बिछा करके तथा हाथों में ख़जूर की डालियां लेकर के होशाना के नारे अर्थात हे प्रभु हमें बचा के साथ किया। लोगों का मानना था कि इस दिन प्रभु यीशु मसीह अपना राज्य स्थापित करेंगे परन्तु यीशु मसीह का राज्य संसारिक न होकर के स्वर्गीय राज्य था इस लिये आज का दिन मसीह समाज के लिये विशेष आत्मिक उत्साह और जोश का होता है। इसी आधार पर आलोक नगर इज्जत नगर स्थित इन्टरडिपेन्डेन्ट बैप्टिस्ट चर्च में पॉम सण्डे कि अराधना बड़े हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न की गई ज...