बाराबंकी, अप्रैल 21 -- रामनगर। गांवों में बारात ठहराने की समस्या को खत्म करने के लिए वर्ष 2011 में बसपा सरकार के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में सुविधा देने के उद्देश्य से बनाए गए बारात घर देखरेख के अभाव में बदहाल होकर खंडहर बनते जा रहे हैं। ईंटो की दीवारें बची हैं बाकी प्लास्टर फर्श खिड़की दरवाजे सब गायब हो चुके हैं। बसपा सरकार में अंबेडकर गांव घोषित कर उनका सर्वांगीण विकास किया गया था। रामनगर ब्लॉक के बहामऊ, नचना, सैदनपुर और चचरी भी अंबेडकर गांव घोषित हुए थे। इन सभी गांवों में भव्य बारात घर सुविधाओं युक्त बनाया गया था लेकिन उनकी उपेक्षा हुई जिससे धीरे धीरे बने बारात घरों की हालत खराब होने लगी। यह भी पढ़ें- मुख्य पार्षद ने सौंपा ज्ञापन, अधिकारियों की कार्यशैली पर उठाए सवाल किसी प्रधान व सचिव ने मरम्मत नहीं कराई वरन आज सभी सही होते। बने बारात ...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.