दरभंगा, फरवरी 21 -- दरभंगा के कई मैदान या तो अतिक्रमण की चपेट में हैं या उनकी देखरेख नहीं हो रही। जहां मैदान उपलब्ध भी हैं, वहां हॉकी के लिए आवश्यक मार्किंग, गोल पोस्ट और टर्फ जैसी सुविधाएं नहीं हैं। परिणामस्वरूप बच्चे इस खेल की ओर आकर्षित नहीं हो पाते। खेल प्रेमियों का मानना है कि यदि जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग और खेल विभाग मिलकर योजना बनाएं तो स्थिति बदली जा सकती है। स्कूल स्तर पर इंटर-स्कूल हॉकी प्रतियोगिताएं, समर कैंप और प्रशिक्षकों की नियुक्ति जैसे कदम उठाए जाएं तो कुछ ही वर्षों में सकारात्मक परिणाम सामने आ सकते हैं। अभिभावकों ने भी चिंता जताई कि बच्चों की ऊर्जा सही दिशा में लगाने के लिए खेल जरूरी है। उनका कहना है कि यदि हॉकी जैसी टीम भावना विकसित करने वाली खेल गतिविधियां बढ़ेंगी तो बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास बेहतर होगा। साथ ह...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.