नई दिल्ली, मई 19 -- बस्तर। जनवरी 2024 में जब बंद कमरे में आला अधिकारियों के साथ बैठकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने नक्सलवाद के खात्मे के लिए 31 मार्च, 2026 की समय सीमा तय की, तब देश के शीर्ष रणनीतिक अधिकारियों को इस बात का भरोसा नहीं था कि यह वास्तव में संभव होगा। पर दृढ़ संकल्प के आगे नक्सली घुटने टेकने को मजबूर हुए। यह भी पढ़ें- बस्तर में नया सवेरा; जन सेवा केंद्र में बदलेंगे 70 सुरक्षा कैंप, मिलेंगी क्या सुविधाएं?गृहमंत्री की घोषणा मालूम हो कि कुछ लोगों ने गृहमंत्री को नक्सलवाद के खात्मे की समय सीमा ऐलान करने से मना किया था। कहा था कि यह जोखिम भरा हो सकता है। लेकिन अगस्त 2024 में जब उन्होंने इसकी सार्वजनिक घोषणा कर दी तो आला रणनीतिक अधिकारी भौचक रह गए थे। अब नक्सल मुक्त भारत का संकल्प हकीकत में बदला है तो गृहमंत्री सभी के योगदान को आ...