सहारनपुर, अक्टूबर 19 -- देवबंद उलेमा व जमीयत दावातुल मुसलिमीन के संरक्षक मौलाना कारी इसहाक गोरा इन दिनों अपने बयानों की वजह से सुर्खियों में हैं। सोशल मीडिया पर एक बार फिर उन्होंने कुछ ऐसा बयान दिया है, जो चर्चा का विषय बन गया है। मौलाना ने कहा है कि दूसरे धर्मों के रस्मों में शामिल होना भाईचारा नहीं है और शरीयत इसकी इजाजत भी नहीं देता है। सोशल मीडिया पर मौलाना इसहाक गोरा ने दीवाली से पहले एक बयान जारी करते हुए मुस्लिम युवाओं को नसीहत दी है। उन्होंने कहा कि मजहब के प्रति संजीदा होना बेहद जरूरी है,क्योंकि मजहब इंसान को जीने का तरीका सिखाता है। उन्होंने कहा कि आजकल लोगों के बीच एक गलत धारणा बन गई है कि अगर हम दूसरे धर्मों की रस्मों में शामिल होंगे, तभी भाईचारा कहलाएगा। यह सोच सही नहीं है। मौलाना ने कहा कि भाईचारा निभाने के और भी तरीके हैं, ...
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