सीवान, मार्च 25 -- सीवान, निज प्रतिनिधि। ईरान-इजराइल के बीच जारी तनाव का असर अब स्वास्थ्य सेवाओं पर भी पड़ने की आशंका जताई जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि यह संघर्ष लंबा खिंचता है तो चिकित्सा उपकरणों व जांच सेवाओं की लागत में वृद्धि हो सकती है और इसका सीधा प्रभाव आम मरीजों पर पड़ेगा। सदर अस्पताल से जुड़े डॉ. एमएस अहमद ने बताया कि एमआरआई सहित अन्य अत्याधुनिक मशीनों के संचालन में हीलियम गैस का उपयोग होता है। यह गैस मुख्य रूप से कतर की खाड़ी क्षेत्र से आपूर्ति होती है। युद्ध की स्थिति बनी रहने पर सप्लाई चेन प्रभावित हो सकती है, इससे इसकी उपलब्धता घटेगी और कीमतों में बढ़ोतरी संभव है। इसके अलावा, मरीजों को बेहोश करने के लिए उपयोग में लाई जाने वाली नियोन गैस की आपूर्ति भी प्रभावित हो सकती है। वर्तमान में इसकी उपलब्धता सीमित बताई जा रही है।...