वाराणसी, जून 18 -- वाराणसी, प्रमुख संवाददाता। दूसरी मोहर्रम पर शिवपुर में मरहूम एखलाक हुसैन उर्फ लल्लू के इमामबाड़े से जुलूस-ए-जुल्जनाह और अलम अकीदत के साथ निकाला गया। इससे पहले मजलिस में तफसीर और शमशेर अली ने सोजख्वानी की। इसके बाद मौ. फिरोज अली ने खिताब करते हुए कर्बला के शहीदों की कुर्बानी पर रोशनी डाली। उन्होंने कहा कि इमाम हुसैन का संदेश पूरी इंसानियत के लिए था। यही कारण है कि हमारे मुल्क में उनका गम इतनी शिद्दत से मनाया जाता है। जुलूस में अजादारों ने सीनाजनी और मातम किया। रास्ते में हिंदुओं ने भी जुलूस में शिरकत की। कई प्रतिष्ठित अंजुमनों ने नौहाख्वानी और मातम किया। यह भी पढ़ें- इमाम हुसैन का जिक्र और मजलिसों का मकसद इस्लाम की सही तस्वीर पेश करना : रिज्वी इनमें अंजुमन पंजतनी, अंजुमन हैदरी, अंजुमन जव्वादिया, गुलजारे अब्बासिया, सज्जादि...