गुड़गांव, जनवरी 13 -- गुरुग्राम। अब पढ़ाई उम्र की मोहताज नहीं रहेगी। जिन हाथों में कभी गरीबी, जिम्मेदारियों या परिस्थितियों ने किताबें थमा नहीं पाईं, वही हाथ अब कलम थामेंगे। उल्लास प्रोजेक्ट के तहत नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के माध्यम से उम्रदराज और गैर-साक्षर लोगों को एक बार फिर पढ़ाई से जोड़ने की ठोस पहल शुरू की जा रही है। इस अभियान का उद्देश्य उन लोगों तक शिक्षा की रोशनी पहुंचाना है, जो कभी स्कूल नहीं जा सके या बीच में पढ़ाई छोड़ने को मजबूर हो गए। जिले में मार्च माह से उल्लास साक्षरता सर्वे की औपचारिक शुरुआत की जाएगी। यह दूसरा वर्ष होगा जब 15 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को दोबारा शिक्षा से जोड़ने का अवसर मिलेगा। इस बार अभियान को और व्यापक बनाते हुए 55 वर्ष तक के गैर-साक्षर लोगों को भी इसमें शामिल किया जा रहा है। गुरुग्राम में कुल 46 हजार...