पटना, फरवरी 17 -- पटना हाईकोर्ट ने एक फैसला में कहा कि दूसरी पत्नी का पुत्र भी अनुकंपा पर नौकरी पाने का हकदार है। कोर्ट ने एकलपीठ के आदेश को निरस्त करते हुए सरकारी अधिकारियों को अनुकंपा पर नौकरी देने के आवेदन पर गुण-दोष के आधार पर तीन माह के भीतर निर्णय लेने का आदेश दिया। न्यायमूर्ति सुधीर सिंह और न्यायमूर्ति राजेश कुमार वर्मा की खंडपीठ ने दूसरी पत्नी के पुत्र रवि कुमार रंजन की ओर से दायर अपील (एलपीए) पर सुनवाई के बाद यह आदेश दिया। सिंचाई विभाग के कर्मी ने जीवन काल में दो शादी की थी। उनकी मौत के बाद दोनों पत्नी के पुत्र ने अनुकंपा पर नौकरी पाने का आवेदन किया। लेकिन अधिकारी ने आवेदन को खारिज कर दिया। जिसे कोर्ट में चुनौती दी गई। हाईकोर्ट की एकलपीठ ने दोनों भाइयों की ओर से दायर अर्जी पर एक साथ सुनवाई करते हुए राज्य सरकार के कार्मिक एवं प्रश...