रांची, मई 2 -- रांची। संवाददाता झारखंड में खनन पट्टों और क्रशर उद्योग पर नए दूरी मानकों के कारण गहराते संकट को लेकर शनिवार को चैंबर भवन में नितेश सारदा की अध्यक्षता में माइनर मिनरल्स सब-कमेटी की अहम बैठक हुई। बैठक में हाईकोर्ट में लंबित पीआईएल (3950/2024, आनंद कुमार बनाम झारखंड सरकार) के बाद लागू खनन पट्टों की वन सीमा से दूरी 400 मीटर तथा क्रशर इकाइयों की दूरी 500 मीटर निर्धारित किए जाने के प्रभाव पर विस्तृत चर्चा की गई।सारदा ने बताया कि 2015 में दूरी 500 से घटाकर 250 मीटर की गई थी, जिसके आधार पर उद्योगों ने निवेश और लाइसेंस लिए। अब पुराने मानक लागू होने से अधिकांश इकाइयों के सीटीओ पर रोक लग गई है, जिससे उद्योग ठप होने के कगार पर हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि करीब 60% इकाइयां बंद हो सकती हैं, जिससे हजारों मजदूरों की रोजी-रोटी और राज्य राजस...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.