नैनीताल, मार्च 30 -- गरमपानी। दूरस्थ गांव डीना कफलाड़ पहुंचे पूर्व दर्जाधारी पीसी गोरखा ने सोमवार को ग्रामीणों से संवाद कर क्षेत्र की जमीनी स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान जल जीवन मिशन की अधूरी योजनाओं और जर्जर सड़कों को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला। ग्रामीणों ने बताया कि सुयालखेत-छयोड़ीधूरा मार्ग पर दस वर्षों से डामरीकरण नहीं हुआ है, जिससे उन्हें जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ रहा है। वहीं पेयजल संकट को लेकर विधायक, सांसद और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में कई बार शिकायत दर्ज कराने के बावजूद समाधान नहीं हो पाया है। महिलाओं ने बताया कि वे आज भी पुराने जल स्रोतों पर निर्भर हैं। इस पर गोरखा ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों को समझने के लिए गांवों तक पहुंचना आवश्यक है, लेकिन वर्तमान में व्यवस्थाएं रामभर...