दिल्ली, मार्च 18 -- हमारा रहन-सहन ही नहीं बल्कि हमारा खान-पान भी जलवायु परिवर्तन पर गहरा प्रभाव डालता है.जर्मनी के विशेषज्ञों का मानना है कि कुछ आदतों में बदलाव करके कार्बन उत्सर्जन को संतुलित किया जा सकता है.एक नई रिपोर्ट में सामने आया है कि जर्मनी में ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन का लगभग एक चौथाई हिस्सा खान-पान से जुड़ा है.जर्मनी के आगोरा अगरार नामक थिंक टैंक की रिपोर्ट के अनुसार, जर्मनी में केवल खान पान से हर साल लगभग 23.5 करोड़ टन कार्बन उत्सर्जन पैदा होता है.यह आंकड़ा वैल्यू चेन यानी कच्चे माल को अंतिम उत्पाद में बदलने से लेकर उसके घर तक पहुंचने की पूरी प्रक्रिया के दौरान हुआ उत्सर्जन है.रिपोर्ट में कहा गया, "इस उत्सर्जन का लगभग 70 फीसदी हिस्सा पशु-आधारित खाद्य पदार्थों के उपभोग के कारण होता है"अलग अलग ग्रीनहाउस गैसें जलवायु पर अलग अलग ...