जमुई, अप्रैल 18 -- Bihar News: राममनोहर लोहिया अस्पताल, नई दिल्ली की एक महिला डॉक्टर ने जमुई की बच्ची के साथ हुई दरिंदगी के लिए जैसे लड़ाईलड़ी और अंततः उसे न्याय दिलवाकर ही दम लिया, यह आज के दौर में भी मानवता और संवेदना की गहरी उपस्थिति का जीवंत प्रमाण है। इस मामले में जमुई न्यायालय के पोक्सो स्पेशल जज महेश्वर दुबे ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए दोषी को आजीवन कारावास और दोषी पर 1 लाख रुपये का जुर्माना की सजा सुनाई है।पूरी घटना क्या है? इस घटना की शुरुआत तब हुई जब 16 साल की एक किशोरी को उसकी मां इलाज के लिए दिल्ली के राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल ले गई। किशोरी के मुंह और कान से लगातार खून निकल रहा था। जमुई और पटना में इलाज के बाद भी जब कोई सुधार नहीं हुआ, तो दिल्ली में साइकेट्रिस्ट डॉ. सुनीता कुमारी ने उसकी काउंसलिंग शुरू की। काउंसलिंग के द...
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