गया, फरवरी 21 -- सिविल लाइन थाने से संबंधित दुष्कर्म के मामले में शनिवार को अदालत ने अभियुक्त को दस साल की सजा सुनाई। जिला एवं सत्र न्यायाधीश नलीन कुमार पांडे ने अभियुक्त मो. शिबू को दस साल की सजा और 50 हजार रुपये आर्थिक दंड भी लगाया। वह सिविल लाइन थाना क्षेत्र के नादरागंज का रहने वाला है। इस मामले में सरकार की ओर से अपर लोक अभियोजक अम्बष्ट योगानंद ने बहस किया। सजा के बिंदु पर बहस करते हुए उन्होंने कहा कि अभियुक्त ने रिस्ता को कलंकित किया है, जबकि बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने कम सजा देने की अदालत से गुहार लगाई । घटना 6 नवंबर 2015 की है। उस दिन पीड़िता अपने रिश्तेदार के घर शादी में आई हुई थी। इसी दौरान अभियुक्त ने उसके साथ शादी का झांसा देकर दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया था जिससे वह गर्भवती हो गई थी। बाद में शादी के लिए कहे जाने पर वह इनकार कर...