नैनीताल, अगस्त 26 -- नैनीताल, संवाददाता। हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सिद्धार्थ शाह की एकलपीठ ने दुष्कर्म के आरोपों का सामना कर रहे नैनीताल जिले के ओखलकांडा निवासी हर्षित नगरकोटी के खिलाफ जारी आपराधिक कार्रवाई को निरस्त कर दिया है। हर्षित पर दिसंबर 2022 में भारतीय दंड संहिता की धारा 376, 323 और 506 के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। एक विधवा महिला ने उन पर विवाह का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने का आरोप लगाया था। कोर्ट ने सुनवाई करते हुए कहा कि वयस्कों के बीच सहमति से बने संबंधों को उसी रूप में देखा जाना चाहिए, जब तक कि ठोस साक्ष्यों से दबाव, छल या धोखे का स्पष्ट संकेत न मिले। कोर्ट ने अपने निर्णय में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व फैसलों का भी उल्लेख किया। एफआईआर दर्ज कराने में हुई देरी और कथित घटनाओं के बाद भी संबंधों का जारी रहना-इन सभी पहलुओं ने अदालत क...