नई दिल्ली, सितम्बर 7 -- Durva astami: भाद्रपद मासक शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को अत्यन्त पवित्र दूर्वाष्टमी व्रत किया जाता है। ऐसा कहा जाता है कि जो इस व्रत को करता है, उसका वंश बढ़ता है। ऐसे व्यक्ति का वंश कभी नहीं घटता है। यह व्रत करने वाले का कुल बहुत अधिक बढ़ता है। इस साल दुर्वा अष्टमी 19 सितंबर को मनाई जाएगी। इसदिन राधाष्टमी भी है। इस दिन राधाजी का जन्म भी हुआ था। इसलिए राधा जी के धाम बरसाने में खास तौर पर पूजा अर्चना की जाएंगी।कहां से उत्पन्न हुई दुर्वा कहा जाता है कि भगवान श्रीहरि ने कुर्म अवतार लिया और इस दौरान उनके रोम से ओर बाल निकलने लगे। भगवान्‌ श्रीकृष्ण बोले-देवताओंके द्वारा अमृत का प्राप्ति के लिए क्षीरसागर के मथे जाने पर भगवान्‌ विष्णुने अपनी जंघापर हाथ से पकड़कर मन्दराचल को धारण किया था। तब उनइस प्रकार मन्दराचल के वेग से भ...