हाजीपुर, जून 10 -- भगवानपुर। सं.सू. सनातन धर्म में अमावस्या तिथि को अत्यंत पवित्र और फलदायी माना जाता है। विशेषकर अधिकमास में पड़ने वाली सोमवती अमावस्या का महत्व कई गुना बढ़ जाता है। इस वर्ष 15 जून को ज्येष्ठ अधिकमास की अमावस्या सोमवार के दिन पड़ रही है। इससे यह दुर्लभ महासंयोग बन रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ऐसा संयोग लगभग 30 वर्षों बाद देखने को मिल रहा है। आचार्य सुजीत शास्त्री (मिट्ठू बाबा) ने बताया कि इस दिन 'अमृत सिद्धि योग' और 'सर्वार्थ सिद्धि योग' जैसे अत्यंत शुभ योग भी बन रहे हैं, जो इसे और अधिक प्रभावशाली बनाते हैं। उन्होंने कहा कि यह दिन पितरों की कृपा प्राप्त करने और आध्यात्मिक उन्नति के लिए विशेष अवसर प्रदान करता है। हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि पितरों को समर्पित मानी जाती है। मान्यता है कि इस दिन पितृ धरती पर आते हैं, ...