आगरा, मई 20 -- बैंक से पीड़ित की पत्नी ने क्रेडिट तथा डेविट कार्ड की सुविधा ली थी। दुर्घटना में पत्नी की मृत्यु हो गई थी। वादी पत्नी के खाते में नॉमिनी था, लेकिन चार लाख रुपये का दुर्घटना बीमा होने के बाद भी विपक्षी बीमा कंपनी ने वादी को उक्त राशि का भुगतान नहीं किया। तब उसने न्याय के लिए स्थाई लोक अदालत की शरण ली। स्थाई लोक अदालत ने दि ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लि. से छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित चार लाख रुपये दिलाने के आदेश दिए। इसके अलावा मुकदमा खर्च के रूप में पांच हजार अदा करने के आदेश दिए।प्रोफेसर कॉलोनी देहली गेट निवासी अतुल जैन ने अधिवक्ता राजीव कुलश्रेष्ठ के माध्यम से स्थाई लोक अदालत में मामला प्रस्तुत किया था। यह भी पढ़ें- बीमा कंपनी को 31.12 लाख रुपये भुगतान करने के आदेश बताया कि उनकी पत्नी स्वाति जैन ने केनरा बैंक के अपने खाते...