ललितपुर, मार्च 27 -- चैत्र नवरात्रि के अंतिम दिन दुर्गा नवमीं पर मंदिरों और घरों में सिद्धिदात्री का अगाध श्रद्धा के साथ पूजन हुआ। फिर हवन की खुशबू से गली मुहल्ले महक उठे। मंदिरों और घरों में देवी स्वरूप कन्याओं के पांव पखारने के पश्चात उनको भोजन कराया गया। इसके उपरांत व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं ने पूर्णाहुति के साथ अनुष्ठान पूरा करके व्रत खोला। मड़ावरा व कल्यानपुरा में जवारों की भव्य शोभायात्रा निकाली गयी। नवरात्र के अंतिम दिन महिलाओं के साथ पुरुष और बच्चे भी जगतजननी की पूजा अर्चना में लीन रहे। माता सिद्धीदात्री का जलाभिषेक करके श्रद्धालुओं ने अगाध श्रद्धा के साथ उनका श्रृंगार किया। फिर उनको सुंदर पोशाक और चुनरी चढ़ाई। महिलाओं ने सुहाग और श्रृंगार की सामग्री भी अर्पित की। फिर प्रसाद चढ़ाकर माता की आरती उतारी गयी। नवमी के दिन मंदिरों में देव...